Rekhti
रेक़्ती; उर्दू कविता की वह शैली जिसमें स्त्री‑स्वर और स्त्रियों की बोलचाल का प्रयोग करते हुए उनके प्रेम, इच्छाओं और संबंधों का चित्रण किया जाता है
Origin & History
From Urdu ‘रेक़्ती / ریختی’ (rekhtī), a feminine derivative of ‘रेक़्ता / ریختہ’ (rekhtā), originally meaning ‘poured, scattered’ and later used for a form of Urdu poetry; ‘rekhti’ thus came to denote the ‘female’ counterpart of rekhta poetry.
उर्दू ‘रेक़्ती / ریختی’ से, जो ‘रेक़्ता / ریختہ’ (अर्थ: ‘बिखरा हुआ, ढाला गया’) का स्त्रीलिंग रूप है; ‘रेक़्ता’ शब्द आगे चलकर उर्दू शायरी की एक शैली के लिए प्रसिद्ध हुआ और उसका स्त्रीलिंग ‘रेक़्ती’ स्त्री‑स्वर या स्त्रियों की भाषा में कही जाने वाली शायरी के लिए प्रचलित हो गया।
Definition
A genre of Urdu verse that adopts a female persona and women’s colloquial speech, frequently depicting love, desire, and everyday life among women, sometimes with homoerotic or socially transgressive themes; historically associated with Lucknow and poets like Insha and Rangeen.
उर्दू कविता की एक विशेष विधा, जिसमें कवि स्त्री के रूप या दृष्टिकोण से लिखता है और स्त्रियों की बोलचाल की भाषा व उनके प्रेम, कामना, मैत्री और रोज़मर्रा के जीवन से जुड़े विषयों को, कभी‑कभी समलैंगिक व सामाजिक रूप से विद्रोही अर्थों के साथ, चित्रित करता है; इसका संबंध विशेष रूप से लखनऊ के शायروں जैसे इंशा और रंगीन से माना जाता है।